आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन लोगों को कड़ी फटकार लगाई जो भारतीय क्रिकेट शमी को ट्रोल कर रहे हैं

गाजियाबाद
कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शुक्रवार को उन लोगों को कड़ी फटकार लगाई जो भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी को ट्रोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों को मुसलमान मानने के लिए तैयार नहीं हैं जो शमी को ट्रोल कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मोहम्मद शमी एक देशभक्त मुसलमान हैं और देशभक्त होना सबसे बड़ी पहचान है। मोहम्मद शमी इस समय देश के लिए जो कर रहे हैं, वह सबसे बड़ा पुण्य का काम है और देश की सेवा ही सबसे बड़ी इबादत है। जो लोग शमी पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इस्लाम का कोई ज्ञान नहीं है और जो लोग मोहम्मद शमी को ट्रोल कर रहे हैं, "मैं उन्हें मुसलमान मानने के लिए तैयार नहीं हूं"।

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एक सवाल के जवाब में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि होली एक राष्ट्रीय त्योहार है, जो पूरे भारत का उत्सव है। कोई भी संप्रदाय, आस्था या धर्म के आड़े नहीं आ सकता। होली के खिलाफ फरमान जारी करने वाले लोग देश की संस्कृति को नहीं समझते। अजमेर दरगाह से लेकर निजामुद्दीन औलिया तक कई पूज्य सूफी संतों ने होली की भावना को अपनाया। अमीर खुसरो जैसे प्रसिद्ध कवियों ने होली के बारे में गीत लिखे, जिसमें प्रेम और एकता के सार का जश्न मनाया गया है। यदि कोई होली पर प्रतिबंध लगाने की बात करता है, तो वह स्पष्ट रूप से इस देश को नहीं समझता है, और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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दिल्ली की तुगलक लेन में भाजपा नेताओं द्वारा नेमप्लेट पर स्वामी विवेकानंद मार्ग लिखवाने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति, राजा या सम्राट को 'बुद्धिमान' के साथ मूर्ख भी कहा गया है, तो वह मोहम्मद बिन तुगलक था। उनके नाम पर सड़क का नाम मूर्खता का प्रतीक है। तुगलक लेन वह जगह है जहां राहुल गांधी रहते हैं और यह उचित लगता है। किसी बुद्धिमान या प्रतिष्ठित व्यक्ति का वहां रहना उचित नहीं लगता।

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'आईआईटी बाबा' पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अगर कोई पागल खुद को 'बाबा' कहने लगे, या मीडिया उसे 'बाबा' के रूप में पेश करने लगे, तो यह क्या है? ये नशेड़ी और नशे में धुत्त लोग, ये कहां से आ गए? सनातन धर्म की समृद्ध परंपरा है, तो ऐसे जोकरों की बात क्यों करें?

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